सोचा ना था
सोचा ना था
यु कही राहों में, मिल जाओगे तुम...
मेरी तनहयों को तनहा कर जाओगे तुम...
वह पहली नज़र तुम्हारी, याद आएगी यु...
दिल को मेरे उड्डा ले जाएगी यु...
बातें तुम्हारी मान में घर कर जाएगी यु...
यादें तुम्हारी मुझको मुझसे ही चीन ले जाएगी यु...
वह वक़्त जो साथ चले थे हम, थम्म जायेगा यु...
के अकेले चलते हुए भी, साथ हो तुम ये एहेसास दिलाओगे तुम...
सोचा ना था...
सोचा ना था...
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